नई दिल्ली, PM Vishwakarma Yojana Loan :- भारत में लाखों कारीगर और पारंपरिक कामगार अपने हुनर से देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं। ऐसे ही हुनरमंद लोगों की सहायता के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरणों के साथ सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है, इसके तहत कितनी लोन राशि मिलती है, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज़, आवेदन की प्रक्रिया और इससे मिलने वाले लाभ क्या हैं।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?
PM Vishwakarma Yojana Loan भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जो पारंपरिक हस्तशिल्प और शिल्पकारों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का काम करती है। इसके तहत बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, सुनार, राजमिस्त्री, धोबी, माली, मोची जैसे 18 प्रकार के पारंपरिक कार्य करने वालों को सरकार वित्तीय मदद, ट्रेनिंग और लोन सुविधा प्रदान करती है।
PM Vishwakarma Yojana Loan के मुख्य उद्देश्य:
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पारंपरिक कामगारों को पहचान और सम्मान देना।
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उनके काम को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करना।
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स्वरोजगार को बढ़ावा देना।
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बैंक से बिना गारंटी के Loan सुविधा उपलब्ध कराना।
योजना के तहत मिलने वाली लोन राशि
PM Vishwakarma Loan के तहत दो चरणों में लोन दिया जाता है:
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पहला चरण:
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₹1 लाख तक का Loan दिया जाता है।
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5% सालाना ब्याज दर लागू होती है।
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लोन चुकाने की अवधि 18 महीने तक होती है।
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दूसरा चरण:
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पहले Loan की समय पर अदायगी और प्रशिक्षण पूरा करने पर दूसरा लोन दिया जाता है।
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इसमें ₹2 लाख तक का लोन मिल सकता है।
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इसकी भी ब्याज दर 5% है और चुकाने की अवधि 30 महीने तक होती है।
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सरकार इन दोनों लोन पर 8% तक ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे कारीगरों को राहत मिलती है।
कौन ले सकता है PM Vishwakarma Yojana Loan का लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:
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आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
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आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
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वह पारंपरिक काम जैसे दर्जी, लोहार, सुनार, बढ़ई, धोबी, मिस्त्री आदि करता हो।
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किसी भी अन्य सरकारी स्वनियोजित योजना (जैसे पीएमईजीपी, मुद्रा) से लोन न लिया हो।
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आवेदन करने से पहले संबंधित नगर निकाय या ग्राम पंचायत से पेशा प्रमाण पत्र होना चाहिए।
PM Vishwakarma Yojana Loan ज़रूरी दस्तावेज़
योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होती है:
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आधार कार्ड
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पैन कार्ड
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बैंक खाता विवरण (पासबुक/IFSC कोड सहित)
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मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
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पेशा प्रमाण पत्र (स्थानीय निकाय द्वारा जारी)
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पासपोर्ट साइज फोटो
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प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि पहले से कोई है)
योजना के अन्य लाभ
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प्रशिक्षण सुविधा: योजना में 5 से 10 दिन का कौशल उन्नयन प्रशिक्षण भी शामिल है। इसमें ट्रेनिंग लेने वालों को ₹500 प्रतिदिन भत्ता मिलता है।
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उपकरण सहायता: सरकार कारीगरों को ₹15,000 तक के आधुनिक औजार खरीदने के लिए सहायता देती है।
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डिजिटल लेनदेन में मदद: डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए हर ट्रांजेक्शन पर कैशबैक भी दिया जाता है।
आवेदन कैसे करें? (ऑनलाइन प्रक्रिया)
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।
Step-by-step प्रक्रिया:
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ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: www.pmvishwakarma.gov.in
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नया पंजीकरण करें:
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मोबाइल नंबर दर्ज करें
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OTP डालकर सत्यापन करें
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आधार नंबर के साथ e-KYC पूरी करें
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फॉर्म भरें:
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व्यक्तिगत जानकारी
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व्यवसाय का विवरण
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बैंक डिटेल्स
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दस्तावेज़ अपलोड करें
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पेशा प्रमाण पत्र प्राप्त करें:
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ग्राम पंचायत या नगर निगम से प्रमाण पत्र प्राप्त कर पोर्टल पर अपलोड करें
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आवेदन सबमिट करें:
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सभी जानकारी की पुष्टि के बाद फॉर्म सबमिट करें
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ट्रेनिंग और लोन स्वीकृति:
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प्रशिक्षण केंद्र से कौशल उन्नयन करें
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ट्रेनिंग पूरी होने के बाद लोन स्वीकृति की प्रक्रिया होती है
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कहां से मिलेगा लोन?
यह लोन देश के विभिन्न बैंकों के माध्यम से दिया जाता है:
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राष्ट्रीयकृत बैंक (जैसे SBI, PNB, Bank of Baroda)
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क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB)
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सहकारी बैंक
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कुछ चुनिंदा NBFC और माइक्रो फाइनेंस संस्थाएं
योजना से जुड़ी कुछ सावधानियां:
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आवेदन करते समय सभी जानकारी सही भरें।
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समय पर लोन की किस्त भरें, तभी अगला लोन मिलेगा।
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किसी बिचौलिए के चक्कर में न पड़ें, आवेदन बिल्कुल फ्री है।
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योजना में केवल उन्हीं लोगों को लोन मिलेगा, जो वास्तविक रूप से कारीगर हैं।
Rohit Kumar is a dedicated author at LoanRising.com, passionate about simplifying complex financial concepts. With a focus on loans, personal finance, and financial literacy, he delivers insightful, reader-friendly content. Rohit aims to empower individuals with the knowledge needed to make informed financial decisions and achieve their monetary goals.




