Haryana Cattle and Murrah Development Scheme: हरियाणा में इस सरकारी स्कीम से भैस और गाय पर मिलती है 40 हजार की मदद, अभी यहाँ से चेक करे पूरी जानकारी

चंडीगढ़, Haryana Cattle and Murrah Development Scheme :- हरियाणा राज्य हमेशा से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की मुर्राह भैंस पूरी दुनिया में अपनी उच्च दूध उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है। मुर्राह नस्ल की भैंस हरियाणा की पहचान भी है और किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा जरिया भी। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने पशुधन एवं मुर्राह विकास योजना 2025 (Haryana Cattle and Murrah Development Scheme) शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मुर्राह नस्ल के संरक्षण, विकास और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

Haryana Cattle and Murrah Development Scheme
Haryana Cattle and Murrah Development Scheme

योजना का उद्देश्य

  1. मुर्राह नस्ल का संरक्षण और विकास करना ताकि यह नस्ल आगे भी शुद्ध और उच्च उत्पादन वाली बनी रहे।

  2. दूध उत्पादन में वृद्धि करना और राज्य को देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक बनाना।

  3. किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारना और उन्हें आधुनिक पशुपालन तकनीकों से जोड़ना।

  4. पशुओं की सेहत सुधारना, बीमारियों से बचाव करना और पशुपालन को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा देना।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

  1. आर्थिक सहायता और सब्सिडी – किसानों को उच्च नस्ल की मुर्राह भैंस खरीदने के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।

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  2. आधुनिक उपकरणों पर छूट – पशुपालन में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण, फीड मशीन, और डेयरी से जुड़ी तकनीक पर सब्सिडी दी जाएगी।

  3. पशु स्वास्थ्य सुविधाएं – मुर्राह और अन्य पशुओं के लिए मुफ्त या रियायती दर पर वैक्सीनेशन और इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

  4. कृत्रिम गर्भाधान और प्रजनन सेवाएं – बेहतर नस्ल विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

  5. किसानों को प्रशिक्षण – वैज्ञानिक ढंग से पशुपालन, चारे का प्रबंधन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ाने के लिए किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

पात्रता (Eligibility)

  • Haryana Cattle and Murrah Development Scheme का लाभ हरियाणा राज्य के किसान और पशुपालक उठा सकते हैं।

  • लाभार्थी के पास पशुओं की देखभाल के लिए उचित जगह और सुविधा होनी चाहिए।

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  • छोटे और सीमांत किसान को योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।

  • आवेदनकर्ता को राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी है।

  • इस Loan का लाभ लेने के लिए किसी भी बैंक का डिफाल्टर नहीं होना जरुरी है ।

जरूरी दस्तावेज़

  1. आधार कार्ड

  2. निवास प्रमाण पत्र

  3. जमीन या पशुपालन से जुड़ा प्रमाण

  4. बैंक खाता विवरण

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  5. पासपोर्ट साइज फोटो

  6. आवेदन फार्म (पशुपालन विभाग से प्राप्त)

आवेदन प्रक्रिया

  1. इच्छुक किसान सबसे पहले पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग, हरियाणा के नजदीकी दफ्तर में जाएं।

  2. वहां से Haryana Cattle and Murrah Development Scheme का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें या ऑनलाइन पोर्टल (https://saralharyana.gov.in/) पर आवेदन करें।

  3. आवश्यक दस्तावेज़ों को आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें।

  4. सभी कागजातों की जांच के बाद पात्र किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा।

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योजना से किसानों को लाभ

  • दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।

  • मुर्राह भैंस की देखभाल और प्रजनन से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला पशुधन मिलेगा।

  • राज्य के डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी और दूध से बने उत्पादों की खपत भी बढ़ेगी।

  • ग्रामीण क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर खुलेंगे।

मुर्राह भैंस क्यों खास है?

  • मुर्राह भैंस की दूध उत्पादन क्षमता 20 से 25 लीटर प्रतिदिन तक होती है।

  • इनका दूध उच्च वसा (fat content) वाला होता है जो घी और पनीर बनाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

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  • मुर्राह नस्ल की भैंसें कम बीमार पड़ती हैं और लंबे समय तक उत्पादन देती हैं।

  • यह नस्ल न सिर्फ हरियाणा में बल्कि पूरे भारत और विदेशों तक निर्यात की जाती है।

सरकार का विज़न

हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि राज्य को आने वाले वर्षों में भारत का नंबर 1 दुग्ध उत्पादक राज्य बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक पशुपालन तकनीक, किसानों को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता के जरिए यह योजना किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

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